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shivshanker.rediffiland.com/
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ek dard
मांगता हू ,देती नाही/जबाब मेरी बात का // देती है,खड़ा हो जाता है/ रोम-रोम ज़ज्बात का// कहती है लगा दो बालो मे फूल गुलाब का/ लगता हू झर जाता है,पता-पता गुलाब का//
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blog ki duniya
आज पहली बार ब्लॉग दूनिया मे पर्रवेश किया हू,
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